शोर से दूर होकर श्वास की लय में लौटें।
मार्गदर्शित और अनुशासित अभ्यास से मन को स्थिर करें।
आंतरिक संतुलन, स्पष्टता और गहरे दिव्य संबंध को खोजें।
अनाहत ध्यान केंद्र